वैशाख महीना 2020 के प्रमुख व्रत, पर्व एवं त्यौहार

वैशाख का महीना 9 अप्रैल से शुरू होकर 7 मई तक रहेगा


vaisakha-month-2020-hindu-festival-calendar-in-hindi

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9 अप्रैल दिन गुरुवार से भारतीय हिंदी पंचांग के नए साल का दूसरा महीना वैशाख मास आरंभ होगा। हिंदू धर्म मान्यता के अनुसार वैशाख का महीना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। वैशाख के महीने में भगवान विष्णु के इन अवतारों की जयंती मनाई जाएगी, जिनमें नर-नारायण, भगवान परशुराम, नृसिंह अवतार और ह्यग्रीय अवतार और माता सीता का जन्म भी इसी वैशाख मास में हुआ था। इसके अलावा वरुथिनी एकादशी, अक्षय तृतीया, मोहिनी एकादशी एवं वैशाख पूर्णिमा, बुद्ध पूर्णिमा आदि व्रत पर्व मनाएं जाते हैं।


वैशाख मास


हिंदू पंचांग में चंद्रमास के नाम नक्षत्रों पर आधारित हैं। जिस मास की पूर्णिमा जिस नक्षत्र में होती है उसी के अनुसार माह का नाम पड़ा है। वैशाख मास की पूर्णिमा विशाखा नक्षत्र में होने के कारण इस मास का नाम वैशाख पड़ा। इस साल 2020 में वैशाख महीने का आरंभ गुरुवार 9 अप्रैल से होगा एवं वैशाख मास का समापन 7 मई को पूर्णिमा तिथि के साथ होगा।


वैशाख महीने के व्रत और त्यौहार


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1- रविवार 12 अप्रैल- ईस्टर पर्व- ईसा मसीह के पुन: जीवित हो उठने की खुशी में ईस्टर का त्यौहार गुड फ्राइडे के बाद आने वाले रविवार को मनाया जाता है।


2- सोमवार 13 अप्रैल- वैशाखी पर्व- वैशाखी को हर वर्ष बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस दिन को सिख धर्मावंलबियों का नया वर्ष आरंभ होता है। पूरे भारत में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मानाया जाता है।


3- शनिवार 18 वरुथिनी एकादशी- वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा उपासना की जाती है।


4- बुधवार 22 अप्रैल- वैशाख अमावस्या- इस अमावस्या को स्नान दान व तर्पण के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन शनिवार होने से यह शनि अमावस्या भी है जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।


5- शनिवार 25 अप्रैल से रमजान रोजा आरंभ होंगे।


6- रविवार 26 अप्रैल- अक्षय तृतीया पर्व- वैशाख मास का सबसे महत्वपूर्ण पर्व अक्षय तृतीया का ही माना जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण ने अवतार लिया था। भगवान विष्णु के ही अन्य अवतार भगवान परशुराम की जयंती भी इसी दिन मनाई जाती है। इस कारण यह बहुत ही सौभाग्यशाली दिन माना जाता है। इस दिन किसी भी शुभ कार्य को बिना मुहूर्त देखें किया जा सकता है।


7- शुक्रवार 1 मई को माँ बगलामुखी की जंयती मनाई जाएगी।


8- सीता नवमी – वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी मनायी जाती है। मान्यता है कि इस दिन माता सीता धरती मां की कोख से प्रकट हुई थी।


9- रविवार 3 मई- मोहिनी एकादशी- वैशाख मास के शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन कामना पूर्ति के लिए व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा उपासना की जाती है।


10- गुरुवार 7 मई- वैशाख पूर्णिमा- वैशाख पूर्णिमा को भगवान बुद्ध की जयंती पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है।



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